ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU), दरभंगा, मिथिलाञ्चलक सबसँ पैग आ पुरान विश्वविद्यालयसभमे सँ एक अछि। दरभंगा राजक ऐतिहासिक राजमहल परिसरमे स्थित ई विश्वविद्यालय दशकसँ मिथिलाक हजारों-हजार छात्र-छात्राक उच्च शिक्षाक स्वप्न पूरा करैत आबि रहल अछि। ई केवल एकटा शैक्षणिक संस्थान नहि, बल्कि मैथिली भाषा, साहित्य आ मिथिलाक सांस्कृतिक अध्ययनक एकटा प्रमुख केन्द्र सेहो अछि।
स्थापनाक कथाUGC सर्वेक्षणसँ विश्वविद्यालय धरि#
एहि विश्वविद्यालयक इतिहासमे 1968 ई. एकटा महत्वपूर्ण वर्ष मानल जाइत अछि, जखन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) क एकटा टीम दरभंगामे एकटा बहु-संकाय (multi-faculty) विश्वविद्यालय स्थापित करबाक सम्भावना खोजबाक लेल आयल छल। एहि सर्वेक्षणक बादे बिहार सरकार द्वारा 5 अगस्त 1972 केँ एकटा अध्यादेश (Ordinance) द्वारा "मिथिला विश्वविद्यालय" क स्थापना कएल गेल, जकरा बादमे विधानमण्डलद्वारा अधिनियमित कएल गेल।
आरम्भमे ई विश्वविद्यालय दरभंगा-सकरी मार्गपर स्थित सारा मोहनपुर गामक मोहनपुर हाउससँ संचालित होइत छल। 1975 ई.मे ई विश्वविद्यालय दरभंगा राजक प्राचीन राजमहलक परिसरमे स्थानान्तरित भेल, जतए ई आइयो कार्यरत अछि। एहि ऐतिहासिक भवनमे विश्वविद्यालयक स्थापनाक कारण मिथिलाक शाही विरासत आ आधुनिक शिक्षाक बीच एकटा अनोखा सम्बन्ध बनि गेल।
नामकरणक पाछाँक कथाललित नारायण मिश्र#
एहि विश्वविद्यालयक नाम स्वतन्त्रता सेनानी आ प्रमुख राजनेता ललित नारायण मिश्र (2 फरवरी 1923 – 3 जनवरी 1975) क सम्मानमे राखल गेल अछि। हुनकर राजनीतिक जीवनक आरम्भ भारतक प्रथम प्रधानमन्त्री जवाहरलाल नेहरूक संसदीय सचिवक रूपमे भेल छल। 5 फरवरी 1973 केँ ओ तत्कालीन प्रधानमन्त्री इन्दिरा गान्धीक मन्त्रिमण्डलमे रेल मन्त्री बनाओल गेलाह।
2 जनवरी 1975 केँ समस्तीपुर-दरभंगा ब्रॉडगेज रेललाइनक उद्घाटन करबाक क्रममे समस्तीपुर स्टेशनपर एकटा बम विस्फोट भेल, जाहिमे ओ गम्भीर रूपसँ घायल भेलाह। दानापुरक रेलवे अस्पतालमे उपचारक दौरान 3 जनवरी 1975 केँ हुनकर निधन भऽ गेल। हुनकर स्मृतिमे "मिथिला विश्वविद्यालय" क नाम "ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय" राखल गेल। बादमे नामसँ जुड़ल कतेक प्रशासनिक परिवर्तनक बाद 1980 ई. मे एकटा अध्यादेशद्वारा "ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय" नाम स्थायी रूपसँ पुनर्स्थापित कएल गेल, जे आइयो प्रचलित अछि।
कार्यक्षेत्र आ सम्बद्ध महाविद्यालयसभ#
LNMU क क्षेत्राधिकार बिहारक चारि जिला — दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर आ बेगूसराय पर विस्तृत अछि। एहि क्षेत्रमे विश्वविद्यालयसँ 43 घटक (constituent) महाविद्यालय, 25 सम्बद्ध (affiliated) महाविद्यालय आ दूटा सरकारी महाविद्यालय जुड़ल छथि। एतबा पैग नेटवर्कक कारण LNMU उत्तर बिहारक लाखों छात्र-छात्राक लेल उच्च शिक्षाक सबसँ नजदीकी आ सुलभ माध्यम बनल अछि।
संकाय आ विभागसभ#
विश्वविद्यालयक शैक्षणिक संरचना अनेक संकायमे विभाजित अछि—
कला संकाय#
अंग्रेजी, हिन्दी, मैथिली, संस्कृत, दर्शनशास्त्र, उर्दू, प्राचीन इतिहास आ संस्कृति, अर्थशास्त्र, भूगोल, इतिहास, गृह विज्ञान, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान आ समाजशास्त्र जेहन विभाग एहि संकायमे अछि।
विज्ञान संकाय#
वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, भौतिकी आ प्राणि विज्ञान विभाग विज्ञान संकायक अन्तर्गत अबैत अछि।
वाणिज्य आ प्रबन्धन#
एम.कॉम आ एम.बी.ए. जेहन पाठ्यक्रम सेहो विश्वविद्यालयद्वारा संचालित कएल जाइत अछि।
कुल मिलाकऽ विश्वविद्यालय 24 स्नातकोत्तर (postgraduate) पाठ्यक्रम संचालित करैत अछि, जाहिमे MA, M.Sc, M.Com, PGD आ MBA शामिल अछि।
मिथिलाक संस्कृतिक लेल LNMU क महत्त्व#
LNMU केवल एकटा सामान्य विश्वविद्यालय नहि अछि — ई मैथिली भाषा आ साहित्यक अध्ययनक एकटा प्रमुख अकादमिक केन्द्र सेहो अछि। एहिठाम स्थित मैथिली विश्वविद्यालय विभाग विद्यापतिक साहित्य, मैथिली व्याकरण, पंजी प्रबन्ध आ लोकसाहित्यपर शोधकार्यक लेल विशेष रूपसँ जानल जाइत अछि। ई विभाग STET, BPSC आ NET जेहन प्रतियोगी परीक्षाक तैयारी करएवाला मैथिली छात्रसभक लेल सेहो एकटा प्रमुख केन्द्र अछि।
एकर परिसर दरभंगा राजक ऐतिहासिक राजमहलमे स्थित होएबाक कारण ई विश्वविद्यालय मिथिलाक शाही सांस्कृतिक विरासतकेँ आधुनिक शिक्षाक संग जोड़ैत अछि। ई भवन स्वयं मिथिलाक स्थापत्य आ इतिहासक जीवन्त प्रमाण थिक।
निष्कर्ष#
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय मिथिलाञ्चलक हृदयस्थलमे स्थित एकटा एहन संस्थान थिक, जे भाषा, इतिहास आ आधुनिक उच्च शिक्षाकेँ एकसाथ जोड़ैत अछि। ई स्वर्गीय ललित नारायण मिश्रक स्मृतिकेँ जीवन्त रखैत, दरभंगा राजक ऐतिहासिक परिसरसँ आइयो लाखों छात्रक भविष्य गढ़ि रहल अछि।






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