कला· 4 min

Sikki ArtThe Marvellous Craft of Golden Grass

सिक्की कला — घास का अद्भुत हस्तशिल्प

पंकज चौधरी·11 Jun 2026

Sikki art is the unique handicraft tradition of Mithila where beautiful objects are crafted from golden grass.

Table of Contents

सिक्की — ई एकटा विशेष प्रकारक घास थिक जे उत्तर बिहारक नमभूमिमे पाओल जाइत अछि। एहि घासक रंग सुनहरा होइत अछि। मिथिलाक महिला सभ एहि घाससँ टोकरी, डिबिया, गहना रखबाक बक्सा, पुतरी, चटाई बनाबैत छथि।

बनेबाक कला#

सिक्की घासकें पहिने पानिमे भिजाओल जाइत अछि, फेर रंगल जाइत अछि। तकरा बाद कुशलतापूर्वक मनचाहा आकार देल जाइत अछि। एहि क्रियामे धैर्य, कुशलता आ सौंदर्यबोध — तीनू आवश्यक अछि।

जीवन आ आजीविका#

सिक्की कला मिथिलाक ग्रामीण महिलाक आजीविकाक महत्वपूर्ण साधन थिक। GI Tag भेटबाक कारण बाजारमे एकर मान बढ़ल अछि। ई कला मिथिलाक महिलाकें आर्थिक स्वावलम्बन दैत अछि।

कलाक ऐतिहासिक विकास#

सिक्की कलाक इतिहास सदियों पुरान अछि। प्राचीन कालसँ मिथिलाक महिला सभ आंगन, दीवार, आ वस्तुपर ई कला अपन हाथसँ बनाबैत रहल छथि। कालांतरमे ई कला राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पटलपर पहुँचल — मुदा ग्रामीण मिथिलामे आजहियो ई परंपरा जीवित अछि।

तकनीक आ सामग्री#

सिक्की कला बनाबैत समय प्राकृतिक रंग, स्थानीय सामग्री, आ पारम्परिक औजारक प्रयोग होइत अछि। कलाकार अपन कौशल माता-दादीसँ सिखैत अछि — ई मौखिक परंपरा मिथिलाक हस्तकलाक आत्मा अछि।

सामाजिक आ आर्थिक महत्व#

आज सिक्की कला मिथिलाक हजारों महिलाक रोजगारक स्रोत बनल अछि। fair trade, self-help group, आ cultural tourism — एहि सभ मिलि कलाकारक आर्थिक सशक्तिकरण भेल अछि।

संरक्षण आ नव पीढ़ी#

स्कूल, cultural centre, आ digital platform — सिक्की कलाक संरक्षणक नव उपाय अछि। नव पीढ़ीक लेल ई कला गर्व, पहचान, आ आजीविकाक पुल बनि सकैत अछि।

विरासत आ भविष्य#

सिक्की कला मिथिलाक सांस्कृतिक पहचानक अभिन्न अंग अछि। दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, सहरसा आ जनकपुर — सभ क्षेत्रमे ई परंपरा अलग-अलग रूपमे जीवित अछि। ग्रामीण मेला, पारिवारिक संस्कार, आ सामूहिक उत्सव — एहि सभ स्थलपर एकर जीवंत रूप देखल जा सकैत अछि। मिथिलाक युवा पीढ़ी, डिजिटल माध्यम, आ सांस्कृतिक संस्थासभ मिलि एकर संरक्षणक नव रास्ता खोलि रहल अछि। विदेशमे बसल मैथिल समुदाय सेहो अपन माटि, भाषा, आ रीति-रिवाजसँ जुड़ल रहैत अछि।

निष्कर्ष#

ई परम्परा मिथिलाक जीवित सांस्कृतिक धरोहरकेँ समृद्ध करैत अछि।

"मिथिला अपन भाषा, कला, पर्व आ परम्परामे बसैत अछि।"

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Originally published on MithilaDwaar · 11 June 2026 · Pankaj Chaudhary

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Cite: Sikki Art — The Marvellous Craft of Golden Grass — MithilaDwaar (https://www.mithiladwaar.com/blog/sikki-kala-ghaas-ki-kamal)

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